अन्य बीमा

Q
साइबर इंश्योरेंस की क्या आवश्यकता है?
Ans

इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए हमारे द्वारा किसी सुरक्षा सम्बंधित भूल का फायदा उठाकर साइबर अपराधी डेटा ब्रीच, हैकिंग और कई तरह के साइबर अपराध को अंजाम देते हैं, उसके कारण होने वाले गंभीर नुकसान को कवर करने में साइबर इंश्योरेंस मदद करता है।

Q
साइबर इंश्योरेंस क्या कवर करता है ?
Ans

साइबर इंश्योरेंस में मुख्य रूप से कवर होने वाली चीज़ें हैं - सॉफ्टवेयर और डेटा को होने वाला नुकसान , इसकी वजह से कारोबार को होने वाला नुकसान, माल्वेयर द्वारा आक्रमण, साइबर स्टॉल्किंग, फिशिंग, सोशल मीडिया में छवि को ख़राब करना, बिना इजाजत कॉपीराइट सामग्री को छाप देना और  रुपये -पैसे से जुड़ा ऑनलाइन फ्रॉड।

Q
साइबर इंश्योरेंस में फर्स्ट पार्टी कवरेज और थर्ड पार्टी कवरेज क्या होता है?
Ans

फर्स्ट पार्टी कवरेज में इंश्योरेंस लेने वाली कंपनी को साइबर क्राइम की वजह से होने वाले लगभग सभी प्रकार के नुकसान को कवर किया जाता है , थर्ड पार्टी कवरेज में साइबर क्राइम की वजह से किसी और पार्टी की तरफ अगर कंपनी की लायबिलिटी बनती है , उसे कवर किया जाता है।

Q
क्या साइबर इंश्योरेंस का प्रीमियम कम किया जा सकता है ?
Ans

अगर कंप्यूटर सिस्टम को साइबर अटैक से बचाने के लिए अपडेटेड रखा जाता है, जैसे - एंटीवायरस, विंडो फ़ायरवॉल आदि अपडेट रखो, तो इंश्योरेंस कंपनी प्रीमियम में छूट देती है।

Q
साइबर इंश्योरेंस कवर किसे लेना चाहिए ?
Ans

यह इंश्योरेंस उन सभी लोगों को लेना चाहिए जो किसी भी तरह का संवेदनशील या कॉन्फिडेंशियल डेटा अपने पास रखते हैं, और उस डेटा के ब्रीच, चोरी या हैकिंग होने पर उनके ऊपर किसी तरह की लायेबिलिटी बनती है।

Q
टेलर मेड साइबर इंश्योरेंस क्या होता है ?
Ans

जैसे इंटरनेट से जुड़े कारोबार अलग -अलग तरह के हैं, उसी तरह उनसे जुड़े अपराध भी अलग- अलग प्रकार के हैं , जैसे – आई. टी. के कारोबार में अलग तरह का साइबर क्राइम होता है , और बैंक जैसे कारोबार में अलग तरह का। इसलिए साइबर इंश्योरेंस में खास तरह की पॉलिसी खास तरह के कारोबारियों को ध्यान में रख कर बनाई गई है, जिसे टेलर मेड इंश्योरेंस कहते हैं।

Q
यह कैसे तय किया जाता है कि किस कारोबारी को कितने कवरेज की आवशयकता है?
Ans

यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा कारोबार अपने पास किस तरह का संवेदनशील / कॉन्फिडेंशियल डेटा रखता है, उसने किस तरह के सुरक्षा नियम अपना रखे है, डेटा ब्रीच होने का संभावित खतरा कितना है, और अगर डेटा ब्रीच होता है तो कंपनी की किस तरह की लायेबिलिटी बनती है.

Q
साइबर एक्सटॉरशन क्या होता है ?
Ans

यह एक ऑनलाइन अपराध है जिसमें साइबर अपराधी गलत तरीके से लोगों की व्यक्तिगत जानकारियाँ इकटठी करता है, जिसे वह उनको ब्लैक मेल करने और पैसा वसूलने के लिए इस्तेमाल करता है।